
14 अक्टूबर 2026 का पंचांग – उज्जैन
14 अक्टूबर 2026, उज्जैन: तिथि चतुर्थी (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र अनुराधा। सूर्योदय सुबह 6:28, सूर्यास्त शाम 5:59, राहु काल दोपहर 12:13 से दोपहर 1:40 तक।
अगले 7 दिनों के त्योहार
- शारदीय नवरात्रि चतुर्थी, 14 सितंबर
- ललिता पंचमी, 15 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि पंचमी, 15 सितंबर
- बिल्व निमंत्रण, 16 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि षष्ठी, 16 सितंबर
- अकाल बोधन, 17 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि सप्तमी, 17 सितंबर
- तुला संक्रांति, 17 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि अष्टमी, 18 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि नवमी, 19 सितंबर
- आयुध पूजा, 20 सितंबर
- सरस्वती पूजा, 20 सितंबर
- विजयदशमी, 20 सितंबर
तिथि
चतुर्थी
15 अक्टूबर को रात 1:13 तक
पंचमी
16 अक्टूबर को रात 3:25 तक
सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय
सूर्योदय
सुबह 6:28
सूर्यास्त
शाम 5:59
चंद्रोदय
सुबह 9:32
चंद्रास्त
रात 8:37
पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि
शुक्ल पक्ष, आश्विनमास
विक्रम संवत 2083
अनुराधानक्षत्र
15 अक्टूबर को सुबह 4:00 तक
वृश्चिकचंद्र राशि
अयन, ऋतु और वार
अयन
दक्षिणायन
ऋतु
शरद
वार
बुधवार
योग
आयुष्मान
14 अक्टूबर को रात 8:34 तक
सौभाग्य
15 अक्टूबर को रात 9:10 तक
करण
वणिज
14 अक्टूबर को दोपहर 12:17 तक
विष्टि
15 अक्टूबर को रात 1:13 तक
बव
15 अक्टूबर को दोपहर 2:16 तक
इस दिन की प्रार्थना
मुहूर्त
इन कार्यों के लिए शुभ दिन
गोद भराई
शुभ मुहूर्त और अशुभ समय
अमृत काल
शाम 4:36 से शाम 6:21 तक
यमगंड काल
सुबह 7:54 से सुबह 9:21 तक
गुलिक काल
सुबह 10:47 से दोपहर 12:13 तक
राहु काल
दोपहर 12:13 से दोपहर 1:40 तक
त्योहार और व्रत
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।



