
4 अक्टूबर 2027 का पंचांग – उज्जैन
4 अक्टूबर 2027, उज्जैन: तिथि पंचमी (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र अनुराधा। सूर्योदय सुबह 6:24, सूर्यास्त शाम 6:09, राहु काल सुबह 7:52 से सुबह 9:20 तक।
अगले 7 दिनों के त्योहार
- ललिता पंचमी, 4 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि पंचमी, 4 सितंबर
- अकाल बोधन, 5 सितंबर
- बिल्व निमंत्रण, 5 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि षष्ठी, 5 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि सप्तमी, 6 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि अष्टमी, 7 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि नवमी, 8 सितंबर
- आयुध पूजा, 9 सितंबर
- सरस्वती पूजा, 9 सितंबर
- विजयदशमी, 9 सितंबर
- बंगाली विजयादशमी, 10 सितंबर
- मैसूर दशहरा, 10 सितंबर
तिथि
पंचमी
षष्ठी
सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय
सूर्योदय
सुबह 6:24
सूर्यास्त
शाम 6:09
चंद्रोदय
सुबह 10:19
चंद्रास्त
रात 9:25
पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि
शुक्ल पक्ष, आश्विनमास
विक्रम संवत 2084
अनुराधानक्षत्र
ज्येष्ठानक्षत्र
वृश्चिकचंद्र राशि
अयन, ऋतु और वार
अयन
दक्षिणायन
ऋतु
शरद
वार
सोमवार
योग
प्रीति
आयुष्मान
करण
बव
बालव
कौलव
मुहूर्त
इन कार्यों के लिए शुभ दिन
वाहन की खरीद-बिक्री
स्वास्थ्य संबंधी कार्य
नौकरी और करियर
वीजा आवेदन या साक्षात्कार
आभूषणों की खरीद-बिक्री
यात्रा
अन्नप्राशन
नामकरण संस्कार
व्यापार संबंधी कार्य
शिशु को पालने में सुलाना
कानूनी कार्य और समझौते
ऋण लेना
ऋण चुकाना
बोरवेल की खुदाई
पशुधन और पालतू पशु
कृषि और बागवानी
कला और नया हुनर सीखना
शुभ मुहूर्त और अशुभ समय
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:53 से दोपहर 12:40 तक
अमृत काल
दोपहर 1:58 से दोपहर 3:37 तक
राहु काल
सुबह 7:52 से सुबह 9:20 तक
यमगंड काल
सुबह 10:48 से दोपहर 12:16 तक
गुलिक काल
दोपहर 1:44 से दोपहर 3:12 तक
त्योहार और व्रत
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।




