
3 अक्टूबर 2027 का पंचांग – उज्जैन
3 अक्टूबर 2027, उज्जैन: तिथि चतुर्थी (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र विशाखा। सूर्योदय सुबह 6:23, सूर्यास्त शाम 6:10, राहु काल शाम 4:41 से शाम 6:10 तक।
अगले 7 दिनों के त्योहार
- शारदीय नवरात्रि चतुर्थी, 3 सितंबर
- ललिता पंचमी, 4 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि पंचमी, 4 सितंबर
- अकाल बोधन, 5 सितंबर
- बिल्व निमंत्रण, 5 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि षष्ठी, 5 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि सप्तमी, 6 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि अष्टमी, 7 सितंबर
- शारदीय नवरात्रि नवमी, 8 सितंबर
- आयुध पूजा, 9 सितंबर
- सरस्वती पूजा, 9 सितंबर
- विजयदशमी, 9 सितंबर
तिथि
चतुर्थी
4 अक्टूबर को रात 1:28 तक
पंचमी
5 अक्टूबर को रात 1:36 तक
सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय
सूर्योदय
सुबह 6:23
सूर्यास्त
शाम 6:10
चंद्रोदय
सुबह 9:21
चंद्रास्त
रात 8:38
पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि
शुक्ल पक्ष, आश्विनमास
विक्रम संवत 2084
विशाखानक्षत्र
3 अक्टूबर को रात 11:57 तक
अनुराधानक्षत्र
5 अक्टूबर को रात 12:41 तक
तुलाचंद्र राशि
3 अक्टूबर को शाम 5:54 तक
वृश्चिकचंद्र राशि
शाम 5:54 से
अयन, ऋतु और वार
अयन
दक्षिणायन
ऋतु
शरद
वार
रविवार
योग
विष्कंभ
3 अक्टूबर को दोपहर 1:40 तक
प्रीति
4 अक्टूबर को दोपहर 12:20 तक
करण
वणिज
3 अक्टूबर को दोपहर 1:42 तक
विष्टि
4 अक्टूबर को रात 1:28 तक
बव
4 अक्टूबर को दोपहर 1:26 तक
इस दिन की प्रार्थना
मुहूर्त
शुभ मुहूर्त और अशुभ समय
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:53 से दोपहर 12:40 तक
अमृत काल
दोपहर 3:11 से शाम 4:46 तक
यमगंड काल
दोपहर 12:16 से दोपहर 1:45 तक
गुलिक काल
दोपहर 3:13 से शाम 4:41 तक
राहु काल
शाम 4:41 से शाम 6:10 तक
त्योहार और व्रत
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।



