
9 अप्रैल 2027 का पंचांग – उज्जैन
9 अप्रैल 2027, उज्जैन: तिथि तृतीया (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र भरणी। सूर्योदय सुबह 6:16, सूर्यास्त शाम 6:42, राहु काल सुबह 10:56 से दोपहर 12:29 तक।
अगले 7 दिनों के त्योहार
- चैत्र नवरात्रि तृतीया, 9 मार्च
- गणगौर, 9 मार्च
- मत्स्य जयंती, 9 मार्च
- चैत्र नवरात्रि चतुर्थी, 10 मार्च
- कूष्मांडा पूजा, 10 मार्च
- चैत्र नवरात्रि पंचमी, 11 मार्च
- लक्ष्मी पंचमी, 11 मार्च
- स्कंदमाता पूजा, 11 मार्च
- चैत्र नवरात्रि षष्ठी, 12 मार्च
- यमुना जयंती, 12 मार्च
- चैत्र नवरात्रि सप्तमी, 13 मार्च
- कालरात्रि पूजा, 13 मार्च
- अशोक अष्टमी, 14 मार्च
- बैसाखी, 14 मार्च
- चैत्र नवरात्रि अष्टमी, 14 मार्च
- पणा संक्रांति, 14 मार्च
- पुथांडु, 14 मार्च
- तारा जयंती, 14 मार्च
- चैत्र नवरात्रि नवमी, 15 मार्च
- पोहेला बोइशाख, 15 मार्च
- स्वामिनारायण जयंती, 15 मार्च
तिथि
तृतीया
10 अप्रैल को रात 1:32 तक
चतुर्थी
10 अप्रैल को रात 11:40 तक
सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय
सूर्योदय
सुबह 6:16
सूर्यास्त
शाम 6:42
चंद्रोदय
सुबह 7:42
चंद्रास्त
रात 9:14
पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि
शुक्ल पक्ष, चैत्रमास
विक्रम संवत 2084
भरणीनक्षत्र
9 अप्रैल को शाम 5:10 तक
कृत्तिकानक्षत्र
10 अप्रैल को शाम 4:06 तक
मेषचंद्र राशि
9 अप्रैल को रात 10:55 तक
वृषभचंद्र राशि
रात 10:55 से
अयन, ऋतु और वार
अयन
उत्तरायण
ऋतु
वसंत
वार
शुक्रवार
योग
प्रीति
10 अप्रैल को रात 12:57 तक
आयुष्मान
10 अप्रैल को रात 10:19 तक
करण
तैतिल
9 अप्रैल को दोपहर 2:23 तक
गरज
10 अप्रैल को रात 1:32 तक
वणिज
10 अप्रैल को दोपहर 12:37 तक
इस दिन की प्रार्थना
मुहूर्त
शुभ मुहूर्त और अशुभ समय
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:04 से दोपहर 12:54 तक
अमृत काल
दोपहर 12:32 से दोपहर 2:04 तक
गुलिक काल
सुबह 7:50 से सुबह 9:23 तक
राहु काल
सुबह 10:56 से दोपहर 12:29 तक
यमगंड काल
दोपहर 3:36 से शाम 5:09 तक
त्योहार और व्रत
अपनी राशि का राशिफल देखें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।





