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20 मार्च 2026 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर20 मार्च 2026
स्थानउज्जैन

20 मार्च 2026, उज्जैन: तिथि द्वितीया (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र रेवती। सूर्योदय सुबह 6:35, सूर्यास्त शाम 6:35, राहु काल सुबह 11:05 से दोपहर 12:35 तक।

अगले 7 दिनों के त्योहार

तिथि

द्वितीया

21 मार्च को रात 2:31 तक

तृतीया

21 मार्च को रात 11:56 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:35

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:35

चंद्रोदय

चंद्रोदयसुबह 7:15

चंद्रास्त

चंद्रास्तरात 8:04

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

शुक्ल पक्ष, चैत्रमास

विक्रम संवत 2083

नक्षत्र

रेवतीनक्षत्र

21 मार्च को रात 2:26 तक
नक्षत्र

अश्विनीनक्षत्र

22 मार्च को रात 12:36 तक
मीन राशि

मीनचंद्र राशि

21 मार्च को रात 2:26 तक
मेष राशि

मेषचंद्र राशि

रात 2:26 से

अयन, ऋतु और वार

अयन

उत्तरायण

ऋतु

वसंत

वार

शुक्रवार

योग

ब्रह्म

20 मार्च को रात 10:12 तक

इंद्र

21 मार्च को शाम 6:59 तक

करण

बालव

20 मार्च को दोपहर 3:44 तक

कौलव

21 मार्च को रात 2:31 तक

तैतिल

21 मार्च को दोपहर 1:15 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

चूड़ाकर्म या उपनयन

चूड़ाकर्म या उपनयन

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

शिशु को पालने में सुलाना

शिशु को पालने में सुलाना

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

कला और नया हुनर सीखना

कला और नया हुनर सीखना

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 12:11 से दोपहर 12:59 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

रात 12:12 से रात 1:42 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

सुबह 8:05 से सुबह 9:35 तक

अशुभ समय

राहु काल

सुबह 11:05 से दोपहर 12:35 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

दोपहर 3:35 से शाम 5:05 तक

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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