
22 मार्च 2026 का पंचांग – उज्जैन
22 मार्च 2026, उज्जैन: तिथि चतुर्थी (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र भरणी। सूर्योदय सुबह 6:34, सूर्यास्त शाम 6:36, राहु काल शाम 5:05 से शाम 6:36 तक।
अगले 7 दिनों के त्योहार
- चैत्र नवरात्रि चतुर्थी, 22 फ़रवरी
- कूष्मांडा पूजा, 22 फ़रवरी
- चैत्र नवरात्रि पंचमी, 23 फ़रवरी
- लक्ष्मी पंचमी, 23 फ़रवरी
- स्कंदमाता पूजा, 23 फ़रवरी
- चैत्र नवरात्रि षष्ठी, 24 फ़रवरी
- यमुना जयंती, 24 फ़रवरी
- चैत्र नवरात्रि सप्तमी, 25 फ़रवरी
- कालरात्रि पूजा, 25 फ़रवरी
- अशोक अष्टमी, 26 फ़रवरी
- चैत्र नवरात्रि अष्टमी, 26 फ़रवरी
- राम नवमी, 26 फ़रवरी
- तारा जयंती, 26 फ़रवरी
- चैत्र नवरात्रि नवमी, 27 फ़रवरी
- राम नवमी, 27 फ़रवरी
- स्वामिनारायण जयंती, 27 फ़रवरी
तिथि
चतुर्थी
22 मार्च को रात 9:17 तक
पंचमी
23 मार्च को शाम 6:38 तक
सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय
सूर्योदय
सुबह 6:34
सूर्यास्त
शाम 6:36
चंद्रोदय
सुबह 8:41
चंद्रास्त
रात 10:11
पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि
शुक्ल पक्ष, चैत्रमास
विक्रम संवत 2083
भरणीनक्षत्र
22 मार्च को रात 10:41 तक
कृत्तिकानक्षत्र
23 मार्च को रात 8:48 तक
मेषचंद्र राशि
23 मार्च को सुबह 4:13 तक
वृषभचंद्र राशि
सुबह 4:13 से
अयन, ऋतु और वार
अयन
उत्तरायण
ऋतु
वसंत
वार
रविवार
योग
वैधृति
22 मार्च को दोपहर 3:39 तक
विष्कंभ
23 मार्च को दोपहर 12:20 तक
करण
वणिज
22 मार्च को सुबह 10:37 तक
विष्टि
22 मार्च को रात 9:17 तक
बव
23 मार्च को सुबह 7:57 तक
इस दिन की प्रार्थना
मुहूर्त
शुभ मुहूर्त और अशुभ समय
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:11 से दोपहर 12:59 तक
अमृत काल
शाम 6:16 से शाम 7:45 तक
यमगंड काल
दोपहर 12:35 से दोपहर 2:05 तक
गुलिक काल
दोपहर 3:35 से शाम 5:05 तक
राहु काल
शाम 5:05 से शाम 6:36 तक
त्योहार और व्रत
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।




