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1 नवंबर 2027 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर1 नवंबर 2027
स्थानउज्जैन

1 नवंबर 2027, उज्जैन: तिथि तृतीया (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र अनुराधा। सूर्योदय सुबह 6:36, सूर्यास्त शाम 5:45, राहु काल सुबह 8:00 से सुबह 9:24 तक।

अगले 7 दिनों के त्योहार

तिथि

तृतीया

1 नवंबर को शाम 5:15 तक

चतुर्थी

2 नवंबर को शाम 6:02 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:36

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 5:45

चंद्रोदय

चंद्रोदयसुबह 9:02

चंद्रास्त

चंद्रास्तरात 8:04

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

शुक्ल पक्ष, कार्तिकमास

विक्रम संवत 2084

नक्षत्र

अनुराधानक्षत्र

1 नवंबर को सुबह 9:55 तक
नक्षत्र

ज्येष्ठानक्षत्र

2 नवंबर को सुबह 11:04 तक
वृश्चिक राशि

वृश्चिकचंद्र राशि

अयन, ऋतु और वार

अयन

दक्षिणायन

ऋतु

हेमंत

वार

सोमवार

योग

शोभन

1 नवंबर को शाम 7:49 तक

अतिगंड

2 नवंबर को शाम 7:21 तक

करण

गरज

1 नवंबर को शाम 5:15 तक

वणिज

2 नवंबर को सुबह 5:33 तक

विष्टि

2 नवंबर को शाम 6:02 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

यात्रा

यात्रा

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

शिशु को पालने में सुलाना

शिशु को पालने में सुलाना

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

पशुधन और पालतू पशु

पशुधन और पालतू पशु

कृषि और बागवानी

कृषि और बागवानी

कला और नया हुनर सीखना

कला और नया हुनर सीखना

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

सुबह 11:49 से दोपहर 12:33 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

रात 1:51 से रात 3:31 तक

अशुभ समय

राहु काल

सुबह 8:00 से सुबह 9:24 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 10:47 से दोपहर 12:11 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

दोपहर 1:35 से दोपहर 2:58 तक

त्योहार और व्रत

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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