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23 मई 2025 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर23 मई 2025
स्थानउज्जैन

23 मई 2025, उज्जैन: तिथि एकादशी (कृष्ण पक्ष), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद। सूर्योदय सुबह 5:47, सूर्यास्त शाम 7:02, राहु काल सुबह 10:45 से दोपहर 12:24 तक।

तिथि

एकादशी

23 मई को रात 10:30 तक

द्वादशी

24 मई को शाम 7:20 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 5:47

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 7:02

चंद्रोदय

चंद्रोदयरात 3:14

चंद्रास्त

चंद्रास्तदोपहर 3:08

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठमास

अमांत: वैशाख

विक्रम संवत 2082

नक्षत्र

उत्तरा भाद्रपदनक्षत्र

23 मई को शाम 4:01 तक
नक्षत्र

रेवतीनक्षत्र

24 मई को दोपहर 1:47 तक
मीन राशि

मीनचंद्र राशि

अयन, ऋतु और वार

अयन

उत्तरायण

ऋतु

ग्रीष्म

वार

शुक्रवार

योग

प्रीति

23 मई को शाम 6:34 तक

आयुष्मान

24 मई को दोपहर 2:58 तक

करण

बव

23 मई को सुबह 11:55 तक

बालव

23 मई को रात 10:30 तक

कौलव

24 मई को सुबह 8:58 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

कृषि और बागवानी

कृषि और बागवानी

कर्णवेध

कर्णवेध

कला और नया हुनर सीखना

कला और नया हुनर सीखना

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

सुबह 11:34 से दोपहर 1:03 तक

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

सुबह 11:58 से दोपहर 12:51 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

सुबह 7:26 से सुबह 9:06 तक

अशुभ समय

राहु काल

सुबह 10:45 से दोपहर 12:24 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

दोपहर 3:43 से शाम 5:23 तक

त्योहार और व्रत

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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