Dharmayana Logo

7 सितंबर 2026 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर7 सितंबर 2026
स्थानउज्जैन

7 सितंबर 2026, उज्जैन: तिथि एकादशी (कृष्ण पक्ष), नक्षत्र पुनर्वसु। सूर्योदय सुबह 6:15, सूर्यास्त शाम 6:36, राहु काल सुबह 7:48 से सुबह 9:20 तक।

अगले 7 दिनों के त्योहार

तिथि

एकादशी

7 सितंबर को शाम 5:04 तक

द्वादशी

8 सितंबर को दोपहर 2:43 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:15

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:36

चंद्रोदय

चंद्रोदयरात 3:05

चंद्रास्त

चंद्रास्तदोपहर 3:52

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

कृष्ण पक्ष, भाद्रपदमास

अमांत: श्रावण

विक्रम संवत 2083

नक्षत्र

पुनर्वसुनक्षत्र

7 सितंबर को शाम 6:12 तक
नक्षत्र

पुष्यनक्षत्र

8 सितंबर को शाम 4:37 तक
मिथुन राशि

मिथुनचंद्र राशि

7 सितंबर को दोपहर 12:36 तक
कर्क राशि

कर्कचंद्र राशि

दोपहर 12:36 से

अयन, ऋतु और वार

अयन

दक्षिणायन

ऋतु

शरद

वार

सोमवार

योग

व्यतीपात

7 सितंबर को सुबह 6:37 तक

वरीयान

8 सितंबर को रात 3:34 तक

परिघ

9 सितंबर को रात 12:36 तक

करण

बव

7 सितंबर को सुबह 6:16 तक

बालव

7 सितंबर को शाम 5:04 तक

कौलव

8 सितंबर को रात 3:53 तक

तैतिल

8 सितंबर को दोपहर 2:43 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

यात्रा

यात्रा

गोद भराई

गोद भराई

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

पशुधन और पालतू पशु

पशुधन और पालतू पशु

कर्णवेध

कर्णवेध

कला और नया हुनर सीखना

कला और नया हुनर सीखना

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 12:01 से दोपहर 12:50 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

दोपहर 3:58 से शाम 5:27 तक

अशुभ समय

राहु काल

सुबह 7:48 से सुबह 9:20 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 10:53 से दोपहर 12:25 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

दोपहर 1:58 से दोपहर 3:31 तक

त्योहार और व्रत

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

Dharmayana Background

पूरे Dharmayana अनुभव के लिए

Dharmayana App

Google PlayApp Store