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2 दिसंबर 2027 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर2 दिसंबर 2027
स्थानउज्जैन

2 दिसंबर 2027, उज्जैन: तिथि चतुर्थी (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा। सूर्योदय सुबह 6:57, सूर्यास्त शाम 5:37, राहु काल दोपहर 1:37 से दोपहर 2:57 तक।

अगले 7 दिनों के त्योहार

तिथि

चतुर्थी

2 दिसंबर को दोपहर 1:44 तक

पंचमी

3 दिसंबर को शाम 4:13 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:57

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 5:37

चंद्रोदय

चंद्रोदयसुबह 10:15

चंद्रास्त

चंद्रास्तरात 9:22

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्षमास

विक्रम संवत 2084

नक्षत्र

उत्तराषाढ़ानक्षत्र

3 दिसंबर को रात 2:27 तक
नक्षत्र

श्रवणनक्षत्र

4 दिसंबर को सुबह 5:30 तक
मकर राशि

मकरचंद्र राशि

अयन, ऋतु और वार

अयन

दक्षिणायन

ऋतु

हेमंत

वार

गुरुवार

योग

वृद्धि

3 दिसंबर को रात 3:17 तक

ध्रुव

4 दिसंबर को सुबह 4:12 तक

करण

विष्टि

2 दिसंबर को दोपहर 1:44 तक

बव

3 दिसंबर को रात 2:56 तक

बालव

3 दिसंबर को शाम 4:13 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

यात्रा

यात्रा

गोद भराई

गोद भराई

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

शिशु को पालने में सुलाना

शिशु को पालने में सुलाना

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

पशुधन और पालतू पशु

पशुधन और पालतू पशु

कृषि और बागवानी

कृषि और बागवानी

कला और नया हुनर सीखना

कला और नया हुनर सीखना

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

सुबह 11:55 से दोपहर 12:38 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

शाम 7:19 से रात 9:06 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 6:57 से सुबह 8:17 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

सुबह 9:37 से सुबह 10:57 तक

अशुभ समय

राहु काल

दोपहर 1:37 से दोपहर 2:57 तक

त्योहार और व्रत

2 दिसंबर 2027 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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