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30 मार्च 2025 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर30 मार्च 2025
स्थानउज्जैन

30 मार्च 2025, उज्जैन: तिथि प्रतिपदा (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र रेवती। सूर्योदय सुबह 6:25, सूर्यास्त शाम 6:39, राहु काल शाम 5:07 से शाम 6:39 तक।

तिथि

प्रतिपदा

30 मार्च को दोपहर 12:49 तक

द्वितीया

31 मार्च को सुबह 9:11 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:25

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:39

चंद्रोदय

चंद्रोदयसुबह 6:51

चंद्रास्त

चंद्रास्तशाम 7:50

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

शुक्ल पक्ष, चैत्रमास

विक्रम संवत 2082

नक्षत्र

रेवतीनक्षत्र

30 मार्च को शाम 4:34 तक
नक्षत्र

अश्विनीनक्षत्र

31 मार्च को दोपहर 1:44 तक
मीन राशि

मीनचंद्र राशि

30 मार्च को शाम 4:34 तक
मेष राशि

मेषचंद्र राशि

शाम 4:34 से

अयन, ऋतु और वार

अयन

उत्तरायण

ऋतु

वसंत

वार

रविवार

योग

इंद्र

30 मार्च को शाम 5:51 तक

वैधृति

31 मार्च को दोपहर 1:44 तक

करण

बव

30 मार्च को दोपहर 12:49 तक

बालव

30 मार्च को रात 11:00 तक

कौलव

31 मार्च को सुबह 9:11 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 12:08 से दोपहर 12:57 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

दोपहर 2:27 से दोपहर 3:51 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

दोपहर 12:32 से दोपहर 2:04 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

दोपहर 3:35 से शाम 5:07 तक

अशुभ समय

राहु काल

शाम 5:07 से शाम 6:39 तक

त्योहार और व्रत

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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