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20 नवंबर 2024 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर20 नवंबर 2024
स्थानउज्जैन

20 नवंबर 2024, उज्जैन: तिथि पंचमी (कृष्ण पक्ष), नक्षत्र पुनर्वसु। सूर्योदय सुबह 6:49, सूर्यास्त शाम 5:37, राहु काल दोपहर 12:13 से दोपहर 1:34 तक।

तिथि

पंचमी

20 नवंबर को शाम 4:49 तक

षष्ठी

21 नवंबर को शाम 5:03 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:49

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 5:37

चंद्रोदय

चंद्रोदयरात 10:06

चंद्रास्त

चंद्रास्तसुबह 10:56

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्षमास

अमांत: कार्तिक

विक्रम संवत 2081

नक्षत्र

पुनर्वसुनक्षत्र

20 नवंबर को दोपहर 2:48 तक
नक्षत्र

पुष्यनक्षत्र

21 नवंबर को दोपहर 3:33 तक
मिथुन राशि

मिथुनचंद्र राशि

20 नवंबर को सुबह 8:44 तक
कर्क राशि

कर्कचंद्र राशि

सुबह 8:44 से

अयन, ऋतु और वार

अयन

दक्षिणायन

ऋतु

हेमंत

वार

बुधवार

योग

शुभ

20 नवंबर को दोपहर 1:03 तक

शुक्ल

21 नवंबर को सुबह 11:56 तक

करण

तैतिल

20 नवंबर को शाम 4:49 तक

गरज

21 नवंबर को सुबह 4:50 तक

वणिज

21 नवंबर को शाम 5:03 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

यात्रा

यात्रा

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

चूड़ाकर्म या उपनयन

चूड़ाकर्म या उपनयन

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

कर्णवेध

कर्णवेध

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

दोपहर 12:24 से दोपहर 2:00 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 8:10 से सुबह 9:31 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

सुबह 10:52 से दोपहर 12:13 तक

अशुभ समय

राहु काल

दोपहर 12:13 से दोपहर 1:34 तक

त्योहार और व्रत

20 नवंबर 2024 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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