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18 नवंबर 2027 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर18 नवंबर 2027
स्थानउज्जैन

18 नवंबर 2027, उज्जैन: तिथि पंचमी (कृष्ण पक्ष), नक्षत्र पुनर्वसु। सूर्योदय सुबह 6:47, सूर्यास्त शाम 5:38, राहु काल दोपहर 1:34 से दोपहर 2:55 तक।

अगले 7 दिनों के त्योहार

तिथि

पंचमी

18 नवंबर को रात 11:27 तक

षष्ठी

19 नवंबर को रात 9:20 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:47

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 5:38

चंद्रोदय

चंद्रोदयरात 9:48

चंद्रास्त

चंद्रास्तसुबह 10:41

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्षमास

अमांत: कार्तिक

विक्रम संवत 2084

नक्षत्र

पुनर्वसुनक्षत्र

19 नवंबर को रात 1:50 तक
नक्षत्र

पुष्यनक्षत्र

20 नवंबर को रात 12:25 तक
मिथुन राशि

मिथुनचंद्र राशि

18 नवंबर को रात 8:11 तक
कर्क राशि

कर्कचंद्र राशि

रात 8:11 से

अयन, ऋतु और वार

अयन

दक्षिणायन

ऋतु

हेमंत

वार

गुरुवार

योग

साध्य

18 नवंबर को सुबह 6:49 तक

शुभ

19 नवंबर को रात 3:53 तक

शुक्ल

20 नवंबर को रात 12:59 तक

करण

कौलव

18 नवंबर को दोपहर 12:31 तक

तैतिल

18 नवंबर को रात 11:27 तक

गरज

19 नवंबर को सुबह 10:23 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

यात्रा

यात्रा

गोद भराई

गोद भराई

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

पशुधन और पालतू पशु

पशुधन और पालतू पशु

कर्णवेध

कर्णवेध

कला और नया हुनर सीखना

कला और नया हुनर सीखना

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

सुबह 11:51 से दोपहर 12:34 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

रात 11:34 से रात 1:04 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 6:47 से सुबह 8:08 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

सुबह 9:30 से सुबह 10:51 तक

अशुभ समय

राहु काल

दोपहर 1:34 से दोपहर 2:55 तक

त्योहार और व्रत

18 नवंबर 2027 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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