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16 मार्च 2025 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर16 मार्च 2025
स्थानउज्जैन

16 मार्च 2025, उज्जैन: तिथि द्वितीया (कृष्ण पक्ष), नक्षत्र हस्त। सूर्योदय सुबह 6:39, सूर्यास्त शाम 6:33, राहु काल शाम 5:04 से शाम 6:33 तक।

तिथि

द्वितीया

16 मार्च को शाम 4:58 तक

तृतीया

17 मार्च को शाम 7:33 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:39

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:33

चंद्रोदय

चंद्रोदयरात 8:25

चंद्रास्त

चंद्रास्तसुबह 7:38

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

कृष्ण पक्ष, चैत्रमास

अमांत: फाल्गुन

विक्रम संवत 2082

नक्षत्र

हस्तनक्षत्र

16 मार्च को सुबह 11:44 तक
नक्षत्र

चित्रानक्षत्र

17 मार्च को दोपहर 2:45 तक
कन्या राशि

कन्याचंद्र राशि

17 मार्च को रात 1:14 तक
तुला राशि

तुलाचंद्र राशि

रात 1:14 से

अयन, ऋतु और वार

अयन

उत्तरायण

ऋतु

वसंत

वार

रविवार

योग

वृद्धि

16 मार्च को दोपहर 2:46 तक

ध्रुव

17 मार्च को दोपहर 3:42 तक

करण

गरज

16 मार्च को शाम 4:58 तक

वणिज

17 मार्च को सुबह 6:15 तक

विष्टि

17 मार्च को शाम 7:33 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

यात्रा

यात्रा

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

चूड़ाकर्म या उपनयन

चूड़ाकर्म या उपनयन

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

सुबह 5:01 से सुबह 6:48 तक

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 12:12 से दोपहर 1:00 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

दोपहर 12:36 से दोपहर 2:06 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

दोपहर 3:35 से शाम 5:04 तक

अशुभ समय

राहु काल

शाम 5:04 से शाम 6:33 तक

त्योहार और व्रत

16 मार्च 2025 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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