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15 अक्टूबर 2025 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर15 अक्टूबर 2025
स्थानउज्जैन

15 अक्टूबर 2025, उज्जैन: तिथि नवमी (कृष्ण पक्ष), नक्षत्र पुष्य। सूर्योदय सुबह 6:28, सूर्यास्त शाम 5:58, राहु काल दोपहर 12:13 से दोपहर 1:39 तक।

तिथि

नवमी

15 अक्टूबर को सुबह 10:34 तक

दशमी

16 अक्टूबर को सुबह 10:36 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:28

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 5:58

चंद्रोदय

चंद्रोदयरात 1:45

चंद्रास्त

चंद्रास्तदोपहर 2:20

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

कृष्ण पक्ष, कार्तिकमास

अमांत: आश्विन

विक्रम संवत 2082

नक्षत्र

पुष्यनक्षत्र

15 अक्टूबर को सुबह 11:57 तक
नक्षत्र

अश्लेषानक्षत्र

16 अक्टूबर को दोपहर 12:39 तक
कर्क राशि

कर्कचंद्र राशि

अयन, ऋतु और वार

अयन

दक्षिणायन

ऋतु

शरद

वार

बुधवार

योग

साध्य

16 अक्टूबर को रात 2:52 तक

शुभ

17 अक्टूबर को रात 2:06 तक

करण

गरज

15 अक्टूबर को सुबह 10:34 तक

वणिज

15 अक्टूबर को रात 10:30 तक

विष्टि

16 अक्टूबर को सुबह 10:36 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

चूड़ाकर्म या उपनयन

चूड़ाकर्म या उपनयन

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

कर्णवेध

कर्णवेध

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

सुबह 5:32 से सुबह 7:08 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 7:54 से सुबह 9:21 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

सुबह 10:47 से दोपहर 12:13 तक

अशुभ समय

राहु काल

दोपहर 12:13 से दोपहर 1:39 तक

त्योहार और व्रत

15 अक्टूबर 2025 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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