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14 सितंबर 2026 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर14 सितंबर 2026
स्थानउज्जैन

14 सितंबर 2026, उज्जैन: तिथि तृतीया (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र चित्रा। सूर्योदय सुबह 6:17, सूर्यास्त शाम 6:29, राहु काल सुबह 7:49 से सुबह 9:20 तक।

अगले 7 दिनों के त्योहार

तिथि

तृतीया

14 सितंबर को सुबह 7:07 तक

चतुर्थी

15 सितंबर को सुबह 7:44 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:17

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:29

चंद्रोदय

चंद्रोदयसुबह 8:59

चंद्रास्त

चंद्रास्तरात 8:39

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

शुक्ल पक्ष, भाद्रपदमास

विक्रम संवत 2083

नक्षत्र

चित्रानक्षत्र

14 सितंबर को दोपहर 1:53 तक
नक्षत्र

स्वातिनक्षत्र

15 सितंबर को दोपहर 3:18 तक
तुला राशि

तुलाचंद्र राशि

अयन, ऋतु और वार

अयन

दक्षिणायन

ऋतु

शरद

वार

सोमवार

योग

ब्रह्म

14 सितंबर को दोपहर 12:42 तक

इंद्र

15 सितंबर को दोपहर 12:15 तक

करण

गरज

14 सितंबर को सुबह 7:07 तक

वणिज

14 सितंबर को शाम 7:21 तक

विष्टि

15 सितंबर को सुबह 7:44 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

यात्रा

यात्रा

गोद भराई

गोद भराई

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

कर्णवेध

कर्णवेध

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

सुबह 7:16 से सुबह 8:55 तक

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

सुबह 11:59 से दोपहर 12:47 तक

अशुभ समय

राहु काल

सुबह 7:49 से सुबह 9:20 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 10:52 से दोपहर 12:23 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

दोपहर 1:54 से दोपहर 3:26 तक

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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