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13 अगस्त 2025 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर13 अगस्त 2025
स्थानउज्जैन

13 अगस्त 2025, उज्जैन: तिथि चतुर्थी (कृष्ण पक्ष), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद। सूर्योदय सुबह 6:06, सूर्यास्त शाम 6:58, राहु काल दोपहर 12:32 से दोपहर 2:09 तक।

तिथि

चतुर्थी

13 अगस्त को सुबह 6:36 तक

पंचमी

14 अगस्त को सुबह 4:24 तक

षष्ठी

15 अगस्त को रात 2:07 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:06

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:58

चंद्रोदय

चंद्रोदयरात 9:51

चंद्रास्त

चंद्रास्तसुबह 9:46

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

कृष्ण पक्ष, भाद्रपदमास

अमांत: श्रावण

विक्रम संवत 2082

नक्षत्र

उत्तरा भाद्रपदनक्षत्र

13 अगस्त को सुबह 10:30 तक
नक्षत्र

रेवतीनक्षत्र

14 अगस्त को सुबह 9:04 तक
मीन राशि

मीनचंद्र राशि

अयन, ऋतु और वार

अयन

दक्षिणायन

ऋतु

वर्षा

वार

बुधवार

योग

धृति

13 अगस्त को शाम 4:01 तक

शूल

14 अगस्त को दोपहर 1:08 तक

करण

बालव

13 अगस्त को सुबह 6:36 तक

कौलव

13 अगस्त को शाम 5:31 तक

तैतिल

14 अगस्त को सुबह 4:24 तक

गरज

14 अगस्त को दोपहर 3:16 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

चूड़ाकर्म या उपनयन

चूड़ाकर्म या उपनयन

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

कर्णवेध

कर्णवेध

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

सुबह 5:58 से सुबह 7:29 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 7:43 से सुबह 9:19 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

सुबह 10:56 से दोपहर 12:32 तक

अशुभ समय

राहु काल

दोपहर 12:32 से दोपहर 2:09 तक

त्योहार और व्रत

13 अगस्त 2025 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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