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10 फ़रवरी 2025 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर10 फ़रवरी 2025
स्थानउज्जैन

10 फ़रवरी 2025, उज्जैन: तिथि त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र पुनर्वसु। सूर्योदय सुबह 7:07, सूर्यास्त शाम 6:17, राहु काल सुबह 8:31 से सुबह 9:54 तक।

तिथि

त्रयोदशी

10 फ़रवरी को शाम 6:57 तक

चतुर्दशी

11 फ़रवरी को शाम 6:56 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 7:07

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:17

चंद्रोदय

चंद्रोदयशाम 4:21

चंद्रास्त

चंद्रास्तसुबह 6:03

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

शुक्ल पक्ष, माघमास

विक्रम संवत 2081

नक्षत्र

पुनर्वसुनक्षत्र

10 फ़रवरी को शाम 5:59 तक
नक्षत्र

पुष्यनक्षत्र

11 फ़रवरी को शाम 6:32 तक
मिथुन राशि

मिथुनचंद्र राशि

10 फ़रवरी को सुबह 11:55 तक
कर्क राशि

कर्कचंद्र राशि

सुबह 11:55 से

अयन, ऋतु और वार

अयन

उत्तरायण

ऋतु

शिशिर

वार

सोमवार

योग

प्रीति

10 फ़रवरी को सुबह 10:23 तक

आयुष्मान

11 फ़रवरी को सुबह 9:03 तक

करण

कौलव

10 फ़रवरी को सुबह 7:08 तक

तैतिल

10 फ़रवरी को शाम 6:57 तक

गरज

11 फ़रवरी को सुबह 6:53 तक

वणिज

11 फ़रवरी को शाम 6:56 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

यात्रा

यात्रा

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

पशुधन और पालतू पशु

पशुधन और पालतू पशु

कर्णवेध

कर्णवेध

कला और नया हुनर सीखना

कला और नया हुनर सीखना

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 12:20 से दोपहर 1:04 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

दोपहर 3:34 से शाम 5:11 तक

अशुभ समय

राहु काल

सुबह 8:31 से सुबह 9:54 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 11:18 से दोपहर 12:42 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

दोपहर 2:06 से दोपहर 3:29 तक

त्योहार और व्रत

10 फ़रवरी 2025 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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