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6 अप्रैल 2026 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर6 अप्रैल 2026
स्थानउज्जैन

6 अप्रैल 2026, उज्जैन: तिथि चतुर्थी (कृष्ण पक्ष), नक्षत्र अनुराधा। सूर्योदय सुबह 6:19, सूर्यास्त शाम 6:41, राहु काल सुबह 7:52 से सुबह 9:25 तक।

अगले 7 दिनों के त्योहार

तिथि

चतुर्थी

6 अप्रैल को दोपहर 2:11 तक

पंचमी

7 अप्रैल को शाम 4:35 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:19

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:41

चंद्रोदय

चंद्रोदयरात 10:35

चंद्रास्त

चंद्रास्तसुबह 8:52

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

कृष्ण पक्ष, वैशाखमास

अमांत: चैत्र

विक्रम संवत 2083

नक्षत्र

अनुराधानक्षत्र

7 अप्रैल को रात 2:55 तक
नक्षत्र

ज्येष्ठानक्षत्र

8 अप्रैल को सुबह 5:52 तक
वृश्चिक राशि

वृश्चिकचंद्र राशि

अयन, ऋतु और वार

अयन

उत्तरायण

ऋतु

वसंत

वार

सोमवार

योग

सिद्धि

6 अप्रैल को दोपहर 3:23 तक

व्यतीपात

7 अप्रैल को शाम 4:14 तक

करण

बालव

6 अप्रैल को दोपहर 2:11 तक

कौलव

7 अप्रैल को रात 3:21 तक

तैतिल

7 अप्रैल को शाम 4:35 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

यात्रा

यात्रा

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

चूड़ाकर्म या उपनयन

चूड़ाकर्म या उपनयन

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

पशुधन और पालतू पशु

पशुधन और पालतू पशु

कृषि और बागवानी

कृषि और बागवानी

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 12:05 से दोपहर 12:55 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

दोपहर 3:18 से शाम 5:05 तक

अशुभ समय

राहु काल

सुबह 7:52 से सुबह 9:25 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 10:57 से दोपहर 12:30 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

दोपहर 2:03 से दोपहर 3:36 तक

त्योहार और व्रत

6 अप्रैल 2026 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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