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6 फ़रवरी 2026 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर6 फ़रवरी 2026
स्थानउज्जैन

6 फ़रवरी 2026, उज्जैन: तिथि पंचमी (कृष्ण पक्ष), नक्षत्र हस्त। सूर्योदय सुबह 7:09, सूर्यास्त शाम 6:14, राहु काल सुबह 11:19 से दोपहर 12:42 तक।

अगले 7 दिनों के त्योहार

तिथि

पंचमी

7 फ़रवरी को रात 1:19 तक

षष्ठी

8 फ़रवरी को रात 2:54 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 7:09

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:14

चंद्रोदय

चंद्रोदयरात 10:33

चंद्रास्त

चंद्रास्तसुबह 9:52

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

कृष्ण पक्ष, फाल्गुनमास

अमांत: माघ

विक्रम संवत 2082

नक्षत्र

हस्तनक्षत्र

7 फ़रवरी को रात 12:22 तक
नक्षत्र

चित्रानक्षत्र

8 फ़रवरी को रात 2:27 तक
कन्या राशि

कन्याचंद्र राशि

अयन, ऋतु और वार

अयन

उत्तरायण

ऋतु

शिशिर

वार

शुक्रवार

योग

धृति

6 फ़रवरी को रात 11:34 तक

शूल

7 फ़रवरी को रात 11:37 तक

करण

कौलव

6 फ़रवरी को दोपहर 12:45 तक

तैतिल

7 फ़रवरी को रात 1:19 तक

गरज

7 फ़रवरी को दोपहर 2:02 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

यात्रा

यात्रा

गोद भराई

गोद भराई

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

चूड़ाकर्म या उपनयन

चूड़ाकर्म या उपनयन

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

पशुधन और पालतू पशु

पशुधन और पालतू पशु

कृषि और बागवानी

कृषि और बागवानी

कर्णवेध

कर्णवेध

कला और नया हुनर सीखना

कला और नया हुनर सीखना

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 12:19 से दोपहर 1:04 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

शाम 6:00 से शाम 7:42 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

सुबह 8:32 से सुबह 9:56 तक

अशुभ समय

राहु काल

सुबह 11:19 से दोपहर 12:42 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

दोपहर 3:28 से शाम 4:51 तक

त्योहार और व्रत

6 फ़रवरी 2026 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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