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4 अगस्त 2025 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर4 अगस्त 2025
स्थानउज्जैन

4 अगस्त 2025, उज्जैन: तिथि दशमी (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र अनुराधा। सूर्योदय सुबह 6:03, सूर्यास्त शाम 7:04, राहु काल सुबह 7:40 से सुबह 9:18 तक।

तिथि

दशमी

4 अगस्त को सुबह 11:42 तक

एकादशी

5 अगस्त को दोपहर 1:12 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:03

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 7:04

चंद्रोदय

चंद्रोदयदोपहर 3:06

चंद्रास्त

चंद्रास्तरात 2:05

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

शुक्ल पक्ष, श्रावणमास

विक्रम संवत 2082

नक्षत्र

अनुराधानक्षत्र

4 अगस्त को सुबह 9:10 तक
नक्षत्र

ज्येष्ठानक्षत्र

5 अगस्त को सुबह 11:20 तक
वृश्चिक राशि

वृश्चिकचंद्र राशि

अयन, ऋतु और वार

अयन

दक्षिणायन

ऋतु

वर्षा

वार

सोमवार

योग

ब्रह्म

4 अगस्त को सुबह 7:00 तक

इंद्र

5 अगस्त को सुबह 7:20 तक

करण

गरज

4 अगस्त को सुबह 11:42 तक

वणिज

5 अगस्त को रात 12:31 तक

विष्टि

5 अगस्त को दोपहर 1:12 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

यात्रा

यात्रा

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

चूड़ाकर्म या उपनयन

चूड़ाकर्म या उपनयन

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

कर्णवेध

कर्णवेध

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 12:07 से दोपहर 1:00 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

रात 1:45 से रात 3:29 तक

अशुभ समय

राहु काल

सुबह 7:40 से सुबह 9:18 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 10:56 से दोपहर 12:33 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

दोपहर 2:11 से दोपहर 3:49 तक

त्योहार और व्रत

4 अगस्त 2025 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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