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3 नवंबर 2025 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर3 नवंबर 2025
स्थानउज्जैन

3 नवंबर 2025, उज्जैन: तिथि त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद। सूर्योदय सुबह 6:38, सूर्यास्त शाम 5:44, राहु काल सुबह 8:01 से सुबह 9:24 तक।

तिथि

त्रयोदशी

4 नवंबर को रात 2:06 तक

चतुर्दशी

4 नवंबर को रात 10:36 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:38

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 5:44

चंद्रोदय

चंद्रोदयशाम 4:10

चंद्रास्त

चंद्रास्तसुबह 4:59

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

शुक्ल पक्ष, कार्तिकमास

विक्रम संवत 2082

नक्षत्र

उत्तरा भाद्रपदनक्षत्र

3 नवंबर को दोपहर 3:03 तक
नक्षत्र

रेवतीनक्षत्र

4 नवंबर को दोपहर 12:32 तक
मीन राशि

मीनचंद्र राशि

अयन, ऋतु और वार

अयन

दक्षिणायन

ऋतु

हेमंत

वार

सोमवार

योग

हर्षण

3 नवंबर को शाम 7:35 तक

वज्र

4 नवंबर को दोपहर 3:38 तक

करण

कौलव

3 नवंबर को दोपहर 3:41 तक

तैतिल

4 नवंबर को रात 2:06 तक

गरज

4 नवंबर को दोपहर 12:24 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

चूड़ाकर्म या उपनयन

चूड़ाकर्म या उपनयन

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

कृषि और बागवानी

कृषि और बागवानी

कर्णवेध

कर्णवेध

कला और नया हुनर सीखना

कला और नया हुनर सीखना

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

सुबह 10:39 से दोपहर 12:07 तक

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

सुबह 11:49 से दोपहर 12:33 तक

अशुभ समय

राहु काल

सुबह 8:01 से सुबह 9:24 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 10:48 से दोपहर 12:11 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

दोपहर 1:34 से दोपहर 2:57 तक

त्योहार और व्रत

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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