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3 अप्रैल 2026 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर3 अप्रैल 2026
स्थानउज्जैन

3 अप्रैल 2026, उज्जैन: तिथि प्रतिपदा (कृष्ण पक्ष), नक्षत्र चित्रा। सूर्योदय सुबह 6:22, सूर्यास्त शाम 6:40, राहु काल सुबह 10:59 से दोपहर 12:31 तक।

तिथि

प्रतिपदा

3 अप्रैल को सुबह 8:42 तक

द्वितीया

4 अप्रैल को सुबह 10:09 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:22

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:40

चंद्रोदय

चंद्रोदयशाम 7:57

चंद्रास्त

चंद्रास्तसुबह 6:56

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

कृष्ण पक्ष, वैशाखमास

अमांत: चैत्र

विक्रम संवत 2083

नक्षत्र

चित्रानक्षत्र

3 अप्रैल को शाम 7:23 तक
नक्षत्र

स्वातिनक्षत्र

4 अप्रैल को रात 9:34 तक
कन्या राशि

कन्याचंद्र राशि

3 अप्रैल को सुबह 6:27 तक
तुला राशि

तुलाचंद्र राशि

सुबह 6:27 से

अयन, ऋतु और वार

अयन

उत्तरायण

ऋतु

वसंत

वार

शुक्रवार

योग

व्याघात

3 अप्रैल को दोपहर 2:06 तक

हर्षण

4 अप्रैल को दोपहर 2:14 तक

करण

कौलव

3 अप्रैल को सुबह 8:42 तक

तैतिल

3 अप्रैल को रात 9:23 तक

गरज

4 अप्रैल को सुबह 10:09 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

चूड़ाकर्म या उपनयन

चूड़ाकर्म या उपनयन

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

कला और नया हुनर सीखना

कला और नया हुनर सीखना

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 12:06 से दोपहर 12:56 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

दोपहर 12:31 से दोपहर 2:14 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

सुबह 7:54 से सुबह 9:26 तक

अशुभ समय

राहु काल

सुबह 10:59 से दोपहर 12:31 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

दोपहर 3:36 से शाम 5:08 तक

त्योहार और व्रत

3 अप्रैल 2026 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

अपनी राशि का राशिफल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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