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2 मार्च 2025 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर2 मार्च 2025
स्थानउज्जैन

2 मार्च 2025, उज्जैन: तिथि तृतीया (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद। सूर्योदय सुबह 6:52, सूर्यास्त शाम 6:27, राहु काल शाम 5:00 से शाम 6:27 तक।

तिथि

तृतीया

2 मार्च को रात 9:02 तक

चतुर्थी

3 मार्च को शाम 6:02 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 6:52

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:27

चंद्रोदय

चंद्रोदयसुबह 8:18

चंद्रास्त

चंद्रास्तरात 9:05

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

शुक्ल पक्ष, फाल्गुनमास

विक्रम संवत 2081

नक्षत्र

उत्तरा भाद्रपदनक्षत्र

2 मार्च को सुबह 8:58 तक
नक्षत्र

रेवतीनक्षत्र

3 मार्च को सुबह 6:38 तक
नक्षत्र

अश्विनीनक्षत्र

4 मार्च को सुबह 4:28 तक
मीन राशि

मीनचंद्र राशि

3 मार्च को सुबह 6:38 तक
मेष राशि

मेषचंद्र राशि

सुबह 6:38 से

अयन, ऋतु और वार

अयन

उत्तरायण

ऋतु

वसंत

वार

रविवार

योग

शुभ

2 मार्च को दोपहर 12:36 तक

शुक्ल

3 मार्च को सुबह 8:54 तक

करण

तैतिल

2 मार्च को सुबह 10:35 तक

गरज

2 मार्च को रात 9:02 तक

वणिज

3 मार्च को सुबह 7:31 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

वाहन की खरीद-बिक्री

वाहन की खरीद-बिक्री

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

शिक्षा संबंधी कार्य

शिक्षा संबंधी कार्य

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

चूड़ाकर्म या उपनयन

चूड़ाकर्म या उपनयन

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

कर्णवेध

कर्णवेध

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 12:17 से दोपहर 1:03 तक

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

सुबह 4:28 से सुबह 5:54 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

दोपहर 12:40 से दोपहर 2:07 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

दोपहर 3:34 से शाम 5:00 तक

अशुभ समय

राहु काल

शाम 5:00 से शाम 6:27 तक

त्योहार और व्रत

2 मार्च 2025 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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