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1 मई 2025 का पंचांग – उज्जैन

कैलेंडर1 मई 2025
स्थानउज्जैन

1 मई 2025, उज्जैन: तिथि चतुर्थी (शुक्ल पक्ष), नक्षत्र मृगशिरा। सूर्योदय सुबह 5:58, सूर्यास्त शाम 6:52, राहु काल दोपहर 2:01 से दोपहर 3:38 तक।

तिथि

चतुर्थी

1 मई को सुबह 11:24 तक

पंचमी

2 मई को सुबह 9:15 तक

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

सूर्योदय

सूर्योदयसुबह 5:58

सूर्यास्त

सूर्यास्तशाम 6:52

चंद्रोदय

चंद्रोदयसुबह 8:57

चंद्रास्त

चंद्रास्तरात 10:57

पक्ष, मास, नक्षत्र और राशि

पक्ष और मास

शुक्ल पक्ष, वैशाखमास

विक्रम संवत 2082

नक्षत्र

मृगशिरानक्षत्र

1 मई को दोपहर 2:19 तक
नक्षत्र

आर्द्रानक्षत्र

2 मई को दोपहर 1:03 तक
मिथुन राशि

मिथुनचंद्र राशि

अयन, ऋतु और वार

अयन

उत्तरायण

ऋतु

ग्रीष्म

वार

गुरुवार

योग

अतिगंड

1 मई को सुबह 8:32 तक

सुकर्मा

2 मई को सुबह 5:36 तक

धृति

3 मई को रात 3:17 तक

करण

विष्टि

1 मई को सुबह 11:24 तक

बव

1 मई को रात 10:14 तक

बालव

2 मई को सुबह 9:15 तक
इस दिन की प्रार्थना

मुहूर्त

इन कार्यों के लिए शुभ दिन

विवाह संबंधी कार्य

विवाह संबंधी कार्य

गृह प्रवेश

गृह प्रवेश

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

भूमि और संपत्ति की खरीद-बिक्री

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

स्वास्थ्य संबंधी कार्य

नौकरी और करियर

नौकरी और करियर

निर्माण कार्य आरंभ करना

निर्माण कार्य आरंभ करना

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

वीजा आवेदन या साक्षात्कार

आभूषणों की खरीद-बिक्री

आभूषणों की खरीद-बिक्री

गोद भराई

गोद भराई

अन्नप्राशन

अन्नप्राशन

नींव रखना

नींव रखना

नामकरण संस्कार

नामकरण संस्कार

व्यापार संबंधी कार्य

व्यापार संबंधी कार्य

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार

कानूनी कार्य और समझौते

कानूनी कार्य और समझौते

ऋण लेना

ऋण लेना

ऋण चुकाना

ऋण चुकाना

बोरवेल की खुदाई

बोरवेल की खुदाई

कर्णवेध

कर्णवेध

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

शुभ मुहूर्त

अमृत काल

सुबह 6:14 से सुबह 7:42 तक

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त

सुबह 11:59 से दोपहर 12:51 तक

अशुभ समय

यमगंड काल

सुबह 5:58 से सुबह 7:35 तक

अशुभ समय

गुलिक काल

सुबह 9:11 से सुबह 10:48 तक

अशुभ समय

राहु काल

दोपहर 2:01 से दोपहर 3:38 तक

त्योहार और व्रत

1 मई 2025 को कोई त्योहार या व्रत नहीं

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों से पता चलता है कि दिन का कौन सा समय शुभ कार्य के लिए अच्छा है और किस समय से बचना चाहिए।

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